एंग्जायटी को दूर करें: 5 योगासन जो दिनभर को बनाएं शांत| Yoga To Control Anxiety

Rate this post

Yoga To Control Anxiety: आजकल का जीवनतंत्र और तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया ने अनेक लोगों को एंग्जायटी या मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है, और इसमें योग का एक महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है।

Table of Contents

योग और मानसिक स्वास्थ्य

योग एक प्राचीन भारतीय प्रणायाम तकनीक है जो शरीर, मन, और आत्मा के संतुलन को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखता है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी सुधार सकता है।

एंग्जायटी और योग का संबंध

योगासन और प्राणायाम का नियमित अभ्यास करने से एंग्जायटी को कम किया जा सकता है और दिमाग को शांति प्रदान की जा सकती है। यहां हम आपको ऐसे 5 योगासनों के बारे में बता रहे हैं जो एंग्जायटी को दूर करने में मदद कर सकते हैं:

1. उत्तानासन (Uttanasana):

यह आसन शरीर की सम्पूर्ण मांसपेशियों को खींचता है और मस्तिष्क को शांति देता है। सही तरीके से किया जाए, यह मानसिक चिंता को कम करने में सहायक हो सकता है।

कैसे करें:

  1. सीधे खड़े हों और पैरों को हंठेलियों की दूरी के साथ रखें।
  2. शुरुआत में कम से कम तना को मोड़ने का प्रयास करें और धीरे-धीरे आगे झुकें।
  3. अंगुलियों को टच करने का प्रयास करें और साँस बंद करें।
  4. 20-30 सेकंड के लिए इस स्थिति में बने रहें, फिर धीरे से वापस उठें।

2. पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana):

पश्चिमोत्तानासन से कमर की मांसपेशियाँ स्ट्रेच होती हैं और दिल को सकारात्मक बनाए रखता है, जिससे एंग्जायटी से छुटकारा मिल सकता है।

कैसे करें:

  1. सीधे बैठें और पैरों को आगे फैलाएं।
  2. कमर को सीधा रखें और हाथों से पैरों की उंगलियों को छूने का प्रयास करें।
  3. सही स्थिति में आने के बाद, 20-30 सेकंड के लिए इसमें बने रहें।
  4. धीरे से पूर्व स्थिति में लौटें।

3. बालासन (Balasana):

बालासन में शरीर को धरा की ओर झुकाकर रखने से चिंता और एंग्जायटी को कम करने में सहायक हो सकता है।

कैसे करें:

  1. घुटनों पर बैठें और हवा से साँस बाहर छोड़ें।
  2. आगे की ओर झुकें और हाथों को आगे बढ़ाएं, सिर को फर्श पर रखें।
  3. 20-30 सेकंड तक इस स्थिति में बने रहें, फिर आराम से उठें।

4. अनुलोम विलोम प्राणायाम (Anulom Vilom Pranayama):

अनुलोम विलोम प्राणायाम से श्वास को नियंत्रित करने में मदद होती है और मानसिक चिंता को दूर करने में साहाय्य करती है।

कैसे करें:

  1. सुखासन में बैठें और आँखें बंद करें।
  2. दाईं नाक से साँस लें, फिर बाएं नाक से छोड़ें, फिर उल्टे क्रम में करें।
  3. प्रत्येक स्वास-प्रश्वास को धीरे-धीरे करें और ध्यान रखें।

5. शवासन (Shavasana):

शवासन में शरीर को पूरी तरह से शांति मिलती है और एक निर्मल मानसिक स्थिति में आने में मदद करता है।

कैसे करें:

  1. सीधे पेट पर लेट जाएं, पैरों को आराम से फैलाएं।
  2. आत्म-समर्पण भाव के साथ आँखें बंद करें और गहरी साँस लें।
  3. 5-10 मिनट तक इस स्थिति में बने रहें, अपने आप को धीरे-धीरे शांत करते हुए।

संक्षेप Yoga To Control Anxiety

योग और प्राणायाम का नियमित अभ्यास करके एंग्जायटी को दूर किया जा सकता है और दिमाग को शांति प्रदान की जा सकती है। यह सीधे रूप से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुधार सकता है और दिनभर की चुनौतियों का सामना करने में मदद कर सकता है।

FAQs

योग से एंग्जायटी को कम करने के लिए कितनी बार करना चाहिए?

उत्तर: योग को नियमित रूप से प्रैक्टिस करना फायदेमंद होता है। हर योगासन को सही तरीके से करने के लिए प्रतिदिन 15-30 मिनट देना सुस्त एंजायटी को कम करने में मदद कर सकता है।

क्या योग शुरू करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक है?

उत्तर: हाँ, यह बेहतर होता है कि आप पहले अपने चिकित्सक से सलाह लें, विशेषकर अगर आपमें कोई विशेष स्वास्थ्य समस्याएं हैं।

क्या ये योगासन गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं?

उत्तर: गर्भवती महिलाओं को किसी भी नए एक्सरसाइज या योग से पहले अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। कुछ योगासन गर्भावस्था के दौरान करने के लिए अच्छे हो सकते हैं, लेकिन सुरक्षितता के लिए सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

योग से एंग्जायटी को कम करने में कितना समय लगता है?

उत्तर: यह व्यक्ति की शक्ति, स्थिति और प्रैक्टिस पर निर्भर करता है। कुछ लोगों को कुछ हफ्तों में ही फर्क महसूस हो सकता है, जबकि किसी को थोड़ा अधिक समय लग सकता है।

क्या योगासनों को सही तरीके से करने के लिए आवश्यक योग सामग्री है?

उत्तर: नहीं, योग का अभ्यास करने के लिए आपको किसी विशेष सामग्री की आवश्यकता नहीं है। बस एक साफ और ठंडा जगह और आरामदायक वस्त्र का इस्तेमाल करें।

क्या योग से एंग्जायटी को दूर करने में उम्र का कोई सीमा है?

उत्तर: नहीं, योग सभी आयु समूहों के लिए फायदेमंद है। हालांकि, विशेषकर बुढ़ापे में अधिक सतर्कता की आवश्यकता हो सकती है और नई योगासनों को शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

क्या योग से एंग्जायटी को दूर करने में खानपान का कोई विशेष ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर: स्वस्थ और संतुलित आहार बनाए रखना योगासन के प्रभाव को बढ़ा सकता है। उचित पोषण से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सहारा मिलता है।

क्या योग से एंग्जायटी को कम करने में किसी विशेष स्थिति में होना आवश्यक है?

उत्तर: नहीं, किसी भी सामान्य स्वास्थ्य स्थिति में योग किया जा सकता है। हालांकि, किसी विशेष समस्या के लिए योग करने से पहले चिकित्सक से मिलना चाहिए।

क्या योग से एंग्जायटी को कम करने में साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

उत्तर: योग सामान्यत: से सुरक्षित है, लेकिन अगर किसी को योग करते समय या बाद में कोई असुविधा महसूस होती है, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

क्या योग से एंग्जायटी को दूर करने में बदलाव तुरंत दिखाई देता है?

उत्तर: कुछ लोगों को योग के पहले ही हफ्तों में फर्क महसूस हो सकता है, लेकिन बहुत से लोगों को नियमित अभ्यास के बाद फायदा होता है। प्रत्येक व्यक्ति का अनुभव अलग होता है, इसलिए सही अनुभव के लिए स्थिरता से योग करना चाहिए।

Yoga To Control AnxietyYoga To Control AnxietyYoga To Control AnxietyYoga To Control AnxietyYoga To Control AnxietyYoga To Control AnxietyYoga To Control AnxietyYoga To Control Anxiety

Leave a comment