एसजीपीटी बढ़ने के कारण, लक्षण, इलाज और घरेलू उपचार|SGPT In Hindi

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SGPT In Hindi: एसजीपीटी बढ़ना एक सामान्य प्रकार का ब्लड प्रेशर है जिसे “इसोलेटेड सिस्टोलिक हाइपरटेंशन (Isolated Systolic Hypertension)” भी कहा जाता है। यह एक स्थिति है जिसमें केवल उच्च सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर होता है, जबकि डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर सामान्य होता है। इस लेख में, हम एसजीपीटी के कारण, लक्षण, इलाज, और घरेलू उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे।

Table of Contents

एसजीपीटी के कारण

एसजीपीटी के बढ़ते प्रभाव के पीछे कई कारण हो सकते हैं, और इनमें से कुछ कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:

आयु

एक व्यक्ति की आयु बढ़ने के साथ, रक्तचाप में वृद्धि की संभावना बढ़ती है। यह एक सामान्य बात है जो वृद्धि आयु के साथ होती है, और बहुत लोग इसके संपर्क में हो सकते हैं।

आदर्श वजन का अभाव

आदर्श वजन की कमी भी एसजीपीटी के लिए एक कारण हो सकती है। आदर्श वजन की कमी से अत्यधिक स्ट्रेस और तनाव बढ़ सकता है, जिससे रक्तचाप में वृद्धि होती है।

जीवनशैली त्रुटियाँ

अनियमित खानपान, तनाव, और अव्यवस्थित जीवनशैली भी रक्तचाप में वृद्धि का कारण बन सकती हैं। लंबे समय तक अधिक तनाव से ग्रस्त रहना भी एक बड़ा कारण हो सकता है।

आधिक्य में सोडियम

आधिक्य में सोडियम का सेवन भी एसजीपीटी का कारण बन सकता है। सोडियम ने रक्तचाप को बढ़ावा देने के कारण इस पर नियंत्रण रखना महत्वपूर्ण है।

धूम्रपान

तंबाकू और धूम्रपान का सेवन एसजीपीटी को बढ़ा सकता है।

थायराइड समस्याएं

थायराइड की समस्याएं भी ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकती हैं।

इन कारणों का सही से संवेदनशील होकर उपयुक्त तरीके से इलाज करना आवश्यक है।

एसजीपीटी के लक्षण

एसजीपीटी के लक्षणों को सही से पहचानना महत्वपूर्ण है ताकि इसका सही से इलाज किया जा सके। इसके मुख्य लक्षण शामिल हो सकते हैं:

सिरदर्द और चक्कर

एसजीपीटी के मरीजों को अक्सर सिरदर्द और चक्कर हो सकते हैं। इसका मतलब है कि उनका रक्तचाप अत्यधिक हो सकता है जो सिरदर्द का कारण बन सकता है।

नजला और नाक से रक्त

कुछ मरीजों को बीच-बीच में नजला और नाक से रक्त आ सकता है। यह एक गंभीर स्थिति है और त्वचा और आंखों में भी सफेदी हो सकती है।

असमर्थन और थकान

एसजीपीटी के कारण शरीर में असमर्थन और थकान की स्थिति हो सकती है। इससे व्यक्ति अधिक तनाव और थकान का सामना कर सकता है।

हृदय की धड़कनों में तेजी

हृदय की धड़कन असमान हो सकती है और व्यक्ति को अधिक हड्डी महसूस हो सकती है।

चक्कर आना या असमंजस

बढ़ते ब्लड प्रेशर के कारण व्यक्ति को चक्कर आने लगते हैं और उन्हें असमंजस का अहसास हो सकता है।

आंखों में लाली या सुजन

आंखों में लाली या सुजन एक अन्य लक्षण हो सकता है।

एसजीपीटी का इलाज

एसजीपीटी का इलाज आधारभूत रूप से तीन स्तरों पर किया जा सकता है: बदलते जीवनशैली, दवाएं, और योगाभ्यास।

दवाएं:

डॉक्टर द्वारा सुझाए जाने वाले दवाओं का नियमित सेवन करना एक आम और प्रभावी उपाय है।

नियमित व्यायाम:

योग, ध्यान, और नियमित व्यायाम आपके रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।

स्वस्थ आहार:

नमक और तेल की मात्रा को कम करके, फल, सब्जियां, और पूर्ण अनाज को अपने आहार में शामिल करना एक स्वस्थ रक्तचाप के लिए महत्वपूर्ण है।

एसजीपीटी के घरेलू उपचार

लहसुन का सेवन:

लहसुन को नियमित रूप से खाना रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

तुलसी का रस:

तुलसी के पत्तों का रस भी रक्तचाप को कम करने में सहायक हो सकता है।

अमरूद:

अमरूद के पत्तों में मौजूद पोटैशियम रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है।

अदरक:

अदरक में मौजूद एलीसिन रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकता है।

पुदीना:

पुदीना रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकता है और इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स से सेहत को बनाए रख सकता है।

नींबू पानी:

नींबू पानी में नमक और शहद मिलाकर पीना भी रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद कर सकता है।

गर्म पानी से कम्प्रेस:

एसजीपीटी के दर्द में राहत प्राप्त करने के लिए गर्म पानी से कम्प्रेस करना एक सुरक्षित घरेलू उपाय हो सकता है।

प्रणायाम और योग:

नियमित प्रणायाम और योग करना सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद कर सकता है।

हेल्दी आहार:

नियमित व्यायाम के साथ स्वस्थ आहार लेना ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

नियमित तरीके से ब्लड प्रेशर की जांच:

ब्लड प्रेशर की निगरानी रखना और नियमित तरीके से जांचना बहुत महत्वपूर्ण है।

नियमित व्यायाम:

योग्य नियमित व्यायाम से दिल के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद हो सकती है।

घरेलू उपचारों का सही रूप से इस्तेमाल करना भी एसजीपीटी को कम करने में सहायक हो सकता है।

निष्कर्ष: SGPT In Hindi

एसजीपीटी एक गंभीर समस्या है जो अगर उपचार नहीं किया गया, तो साधारित स्वस्थ्य को प्रभावित कर सकती है। सबसे अच्छा है कि आप इसे पहचानें, और यदि आपको इसमें लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो तुरंत एक चिकित्सक से मिलें। सही इलाज और आपके जीवनशैली में परिवर्तन से, आप इस समस्या को सफलता से पार कर सकते हैं और अपने स्वास्थ्य को सही दिशा में बदल सकते हैं।

FAQs

एसजीपीटी क्या है?

उत्तर: एसजीपीटी एक स्वास्थ्य स्थिति है जिसमें रक्तचाप नॉर्मल सीमा से अधिक हो जाता है, जिससे स्वास्थ्य पर असर पैदा हो सकता है।

एसजीपीटी के क्या कारण हो सकते हैं?

उत्तर: यह कारण आहार, व्यायाम की कमी, अधिक नमक का सेवन, धूम्रपान, अल्कोहल, और आयु जैसे तत्वों से हो सकता है।

एसजीपीटी के लक्षण क्या होते हैं?

उत्तर: यह लक्षण सिरदर्द, चक्कर, छाती में दर्द, नज़र ब्लर, और सूजन जैसे हो सकते हैं।

क्या एसजीपीटी उम्रबढ़ते हुए लोगों को होता है?

उत्तर: हाँ, एसजीपीटी का खतरा उम्रबढ़ते हुए लोगों में बढ़ता है, लेकिन युवा भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।

क्या एसजीपीटी को कंट्रोल में रखने के लिए कुछ घरेलू उपचार हैं?

उत्तर: हाँ, लहसुन, अमरूद, तुलसी, अदरक, और पुदीना जैसे घरेलू तत्व एसजीपीटी को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।

एसजीपीटी का इलाज कैसे किया जाता है?

उत्तर: चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवाएं, व्यायाम, स्वस्थ आहार, और स्ट्रेस प्रबंधन एसजीपीटी के इलाज में मदद कर सकते हैं।

क्या एसजीपीटी गर्भावस्था के दौरान हो सकता है?

उत्तर: हाँ, गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में एसजीपीटी का खतरा बढ़ सकता है।

एसजीपीटी का निदान कैसे किया जाता है?

उत्तर: एसजीपीटी का निदान रक्तचाप की माप, ब्लड टेस्ट्स, और यूरीन टेस्ट्स के माध्यम से किया जा सकता है।

क्या एसजीपीटी को बढ़ाने वाली जीवनशैली में परिवर्तन करना मदद कर सकता है?

उत्तर: हाँ, सही आहार, नियमित व्यायाम, और स्ट्रेस प्रबंधन से एसजीपीटी को नियंत्रित किया जा सकता है।

एसजीपीटी के लिए सुरक्षित दवाएं कौन-कौन सी हैं?

उत्तर: चिकित्सक द्वारा पर्खी गई दवाएं जैसे कि थायाइजाइड, बीटा-ब्लॉकर्स, और कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स एसजीपीटी को नियंत्रित करने में सहायक हो सकती हैं।

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